Saturday, February 8, 2014

सियासी सर्कस

चाहें चुनाव का नतीजा किसी के भी पक्ष में हो मगर सर एक बात तो है, आजकल सर्कस चल रहा है राजनीति का, जिसे देखो करतब दिखाने में लगा है, राहुल गांधी इमोशनल करके दर्शक रूपी जनता को रुलाने की कोशिश करते हैं तो नरेंद्र मोदी अपनी डायलागबाज़ी से दर्शकों को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर देते हैं, तो कभी नीला हाथी और लोहिया साईकिल भी रिंग में आने पर दर्शकों का ध्यान आकर्शित करते हैं। लेकिन दर्शक इस सबसे कहां संतुष्ट होता है.. दर्शक तो फाईनल स्टंट के लिए अपना समय देता है... और फाइनल स्टंट तो बाज़ीगरी का हैं.. ऊपर लटकती रससी पर लटकना है, झूलना, कूदना है, करतब दिखाना है, मगर शर्त ये है कि नीचे सही सलामत आना है, तभी दर्शकों की सीटियां, तालियां और तारीफ मिलेगी। यानि साफ है कि जनता की नज़र में अगर चड़ना है तो ज़मीनी सतह से ऊपर उठकर कोई कमाल का करतब दिखाना होगा। अब ये बाज़ीगार कौन साबित होगा ये तो वक्त का सिपाही बतायेगा।..
                                       धन्यवाद. आदिल खान

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